मिसाल: मंत्री विपुल गोयल के पुत्र–पुत्री ने किया रक्तदान

 

फरीदाबाद। शनिवार को आयोजित रक्तदान शिविर ने मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश दिया। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। यह न केवल किसी जरूरतमंद का जीवन बचाता है, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और एकता की भावना को भी मजबूत करता है।

रोटरी क्लब की पहल, समाज की भागीदारी

यह रक्तदान शिविर Rotary Club Faridabad East एवं Rotary Club Mid Town द्वारा टैम्स एंड कंपनी एलएलपी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तथा एवांटेज के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजन सेक्टर-10 डीएलएफ स्थित परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक चले इस शिविर में रक्तदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

मंत्री के पुत्र–पुत्री ने किया रक्तदान

इस कार्यक्रम की सबसे प्रेरणादायी बात यह रही कि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के पुत्र और पुत्री दोनों ने स्वयं आगे बढ़कर रक्तदान किया। उनके इस कदम ने उपस्थित लोगों के बीच सकारात्मक संदेश दिया और युवा पीढ़ी को सामाजिक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। लोगों ने इसे सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण बताया।

युवा आगे आएं तो बदलता है समाज

कैबिनेट मंत्री श्री गोयल ने कहा कि जब युवा पीढ़ी समाजसेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है, तो सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव पड़ती है। उन्होंने कहा कि Blood Donation जैसे कार्य समाज को जोड़ते हैं और मानवीय मूल्यों को जीवंत बनाए रखते हैं। रक्तदान किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज के लिए जीवनदायी साबित होता है।

सहयोगी संस्थाओं और स्वयंसेवकों की सराहना

मंत्री विपुल गोयल ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए Rotary Club Faridabad East, Rotary Club Mid Town, टैम्स एंड कंपनी एलएलपी, एवांटेज, चिकित्सकीय दल, स्वयंसेवकों और सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे जनहितकारी आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं और दूसरों को भी सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

समाज के लिए स्थायी संदेश

इस रक्तदान शिविर ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब प्रशासन, सामाजिक संगठन और आम नागरिक एक साथ आते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। फरीदाबाद में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल रक्त की आवश्यकता को पूरा करने में सहायक रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

 

 

 

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